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Showing posts from August, 2023

फादर्स डे अधूरा ही रह गया

              सब बच्चे उनसे बात करने के लिए फ़ोन  कर रहे थे । आज  फादर्स डे था ना इसलिए । “उनको भी पहले,  कहाँ ही पता था।  बिल्कुल अनजान थे इससे  ।       “पहला फ़ोन आया तो पता चला कि आज  फादर्स डे हैं” ।          फिर तो उनका ध्यान फ़ोन पर ही रहा ।                   क्या पता “कब फ़ोन की घंटी बजे  और उनको सुनाई न दे”  । अपनी दिनचर्या निपटाकर ,खाना खाकर अपनी मित्र मंडली के पास जाने को तैयार तैयार होने लगे ।           “चलने से पहले अपने फ़ोन की घंटी  देखीं, कभी  धीरे हो गई  हो” ।              दोस्तों के पास पहुँचते ही सबको  फादर्स डे की बधाई भी दी । फिर बोलते —“लो भाई एक  त्योहार और ...

ख़ाली टिफ़िन

                     पवन ने एक हाथ में छतरी ,  दूसरे हाथ से साइकिल पकड़ रखी थी । “फिर टिफ़िन को भी साइकिल के हैंडल पर ही लटका लिया” ।       “पर बारिश तो और तेज होती जा रही थी” ।                 खेत के बीचों-बीच जो राही बनी हुई थी ,वह भी पानी से भर गई थी ।  बहुत देख-देखकर पैर रखना पड रहा था। “फिर भी  मिट्टी में पैर धँसा जा रहा था”  ।         वह जल्दी जल्दी पैर उठाकर चलने की कोशिश कर रहा था क्योंकि उसकी बस छूट सकती थी ।               “गड्ढों से बच-बचकर निकल रहा था” । ख़ुद को भी संभाल रहा था और साइकिल को भी । “अचानक ही मिट्टी में पैर धँसने से  संतुलन  बिगड़ गया”  ।        पैर भी मुड़ गया और हाथ से साइक...