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Showing posts from December, 2023

समय से पहले

                  आदेश आज बैठे- बैठे अपने पुराने दिनों को याद कर रहा था ।  “वह नौ-दस  साल का ही रहा होगा, जब उन्होंने इस शहर में शिफ़्ट किया” ।   उससे पहले का जीवन उसको ज़्यादा याद भी तो नहीं था ।         “बस थोड़ा-बहुत धुँधला सा, जैसे गली में नुक्कड़ की चीज़ों वाली दुकान” ।      इस शहर में आकर तो जैसे समय को पंख लग गए  ।                         पड़ोस में बहुत सारे बच्चे थे । कुछेक तो उसके दोस्त बन गए । “लेकिन एक-दो को लगता था कि वह पैसे और रुतबे में से उससे कहीं ऊपर है” ।      “आदेश से अच्छे से बात भी नहीं करते थे ” ।                   बार-बार महसूस कराते रहते  । “इसके तो...

जंग जीत ली

                     नेहा घंटी बजा,दरवाज़ा खोलकर अंदर आ गई ।वह हमेशा ऐसे ही करती थी ।      नमस्ते की ,और अपना काम शुरू कर दिया ।                  अचानक मैंने नोट किया —“थोड़ा सा काम करती और मुझे देखने लग जाती” ।       उसने ऐसा एक घंटे में बहुत बार किया ।               “मुझे  पता लग गया कुछ बात तो है जो यह  कह नहीं पा रही” ।                  सुबह की भागदौड़ में खड़े होकर पूछने का समय ही कहाँ होता है । “उसके देखने के तरीक़े से क्या-क्या सोचने लगी मैं भी” ।     हो सकता हो पैसे की ज़रूरत हो । पर माँगने में झिझक रही हो ।         ...