Fursat ke pal Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 31, 2022 एक बार नहीं बहुत टटोला है ख़ुद को , लगता था फिर से उठा ले अपने मन को , रंग बिरंगे पन्ने अब भी बोल रहे है एक एक करके अपनी गठरी खोल रहे हैं । Read more
Fursat ke pal Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 31, 2022 पछिंयों ने आज शायद नई लय सीखी है, पत्तों संग झुम के टहनियां झुली है। काश उड़ सकू इनकी तरह ही मन में मेरी छोटी सी ख़्वाहिश जागी है। Read more
Fursat ke pal Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 30, 2022 कई बार हवा का झोंका श़कुन दे जाता है हल्के से पौधा पतों के संग मुस्कुरा जाता है हवा से ज़्यादा पंछियों का शोर है इस चमकती धूप के हाथों में सबकी डोर है Read more
फ़ुरसत के पल Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 30, 2022 कुछ हवा से कुछ हाथों से हटायी है पुरानी किताबों से आज धूल उड़ाई है पलटे सारे पन्ने एक एक करके आठ वाया आठ का कमरा और खुली छत याद आयी है Read more