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Showing posts from June, 2024

अच्छा टाइम पास

                      मिस्टर और मिसेज़ शर्मा सबसे आगे खड़े हुए थे , “हाथ में मंदिर का दिया हुआ झंडा  लेकर” ।            गले मिलकर हंसकर बातें करना , यह तो उनके स्वभाव में ही था  ।                    “ लेकिन   पहले कभी उनको देखा नहीं ऐसे किसी पब्लिक समारोह में” ।  हो सकता हो आज दिल किया हो ।      “ या फिर अब धर्म में आस्था बढ़ गई हो” ।                    सारा दिन समय व्यतीत करने के लिए उनको रूप- रेखा ही बनानी पड़ती थी ।  बच्चे अपने-अपने परिवार में व्यस्त थे ।        “ना उनको इनका इंतज़ार था । ना इनको बच्चों का” ।      यह भी अपने रहन-सह...

बचते-बचाते हुए

                      आज सब इनसे बचकर निकल रहे थे , कभी बात ना करनी पड़ जाए । “ जब भी किसी को आता दिखता , तो सब वहाँ से सरकने की कोशिश करते” ।                     कहाँ गया ? उनका वो वक़्त ,रुतबा । “जब  गाड़ी से उतरता था तो   सब भागकर खिड़की खोलते थे” । उसका खूब आदर सत्कार करते  ।     “एक से बढ़कर एक आगे जा-जाकर गले मिलते” ।      आज हालात ये थे कि “कोई अपनी कुर्सी भी नहीं देना चाहता था उसे बैठने के लिए” ।                       ऐसा क्या हुआ होगा जो इनका व्यवहार इतना बदल गया । सोचे जा रहे थे हम  उन सब को देखकर ।     “एक समय था जब हमने इन्हें अपना आदर्श बनाने का सोचा था” ।    ...