अच्छा टाइम पास
मिस्टर और मिसेज़ शर्मा सबसे आगे खड़े हुए थे , “हाथ में मंदिर का दिया हुआ झंडा लेकर” । गले मिलकर हंसकर बातें करना , यह तो उनके स्वभाव में ही था । “ लेकिन पहले कभी उनको देखा नहीं ऐसे किसी पब्लिक समारोह में” । हो सकता हो आज दिल किया हो । “ या फिर अब धर्म में आस्था बढ़ गई हो” । सारा दिन समय व्यतीत करने के लिए उनको रूप- रेखा ही बनानी पड़ती थी । बच्चे अपने-अपने परिवार में व्यस्त थे । “ना उनको इनका इंतज़ार था । ना इनको बच्चों का” । यह भी अपने रहन-सह...