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ना ना ऐसा नही है

                        यहाँ आ जाओ सारे जल्दी से —ताई जी ने ज़ोर से आवाज़ लगाकर बुलाया । “चलो चलो, फ़ोटो करवा लेते हैं —तभी दूसरी तरफ़ से आवाज़ आयी” ।       यहाँ आओ पहले —  “गुलदाना ,लड्डू बताशे, सबके पैकेट भी बनाने है” ।                   सब को देखकर ऐसा लग रहा था  । “जैसे बहुत ही ज़्यादा काम था और समय कम था सबके पास” ।        क्योंकि सब दूर-दूर से आये हुए थे । वापिस रात तक अपने घर भी जाना था सबको ।                  “तभी ज़ोर से हँसी मज़ाक करने की आवाजें आनी शुरू हो गईं” । हम लोग भी काम बीच में छोड़कर बाहर देखने को लपके ।       “ गली-मोहल्ले से बहुत सारी  औरतें  आ चुकी थी” ।  ...