सुबह
मीरा आज दो बच्चों की माँ थी। वह बहुत ही आत्म निर्भर हो चुकी थी। उसके पति की मृत्यु हुए आज चार साल हो गए थे। उसे रह रहकर पुरानी बातें याद आ रही थी, जब वह कॉलेज में पढ़ती थी। सहेलियों में सबसे सुंदर कही जाती थी। कॉलेज के अंदर आते ही सबकी नज़रें उसके चेहरे पर ही ठहर जाती थी। वह बिना किसी घबराहट के आत्मविश्वास से सबके पास बैठती थी कॉमन रूम में, उसके आते ही लड़कियों की नज़रें उस पर रुक जाती थी। सबके साथ मिल झुल कर रहना उसकी पुरानी आदत थी। सहेलियाँ जब उसकी चर्चा किसी के साथ करती रहती थी तो उसे बुरा नहीं लगता था। वह भी उन्हीं लड़कियों में शामिल हो कर हँसना शुरू कर देतीं थीं। जब पहली बार रमेश ने उसको टोका तो वह अंदर तक काँप गई थी। एक तो अजनबी और ऊपर से एक लड़का, परन्तु उसने हिम्मत दिखाई और फिर बातचीत शुरू कि। फिर तो रमेश और उसका मिलना जुलना हर रोज़ होने लगा है । To be continued……..
Beautiful ❤👑
ReplyDeleteWe r waiting , exciting to read further
ReplyDeleteNow we are waiting for next chapter
ReplyDeleteNice 😍
ReplyDeleteNice😍
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