दुखी रहना समय की बर्बादी
मीना के घर की तरफ़ सब आते जाते घूर-घूरकर निकलते थे । “बात करने पर लम्बा भाषण उसको सुनाकर जाते।”
बच्चे बेक़ाबू हैं । इनकी अच्छी परवरिश नहीं की । “किसी का आदर लिहाज़ नहीं करते” ।
पता नहीं क्या- क्या और कौन-कौन, सुना जाता था । “जैसे सबकी साझी हो , सुनने और सुनाने के लिए” ।
उम्र के कुछ सालों में बहुत कुछ देख लिया था ।”बचपन, पढ़ाई, शादी, बच्चे और अब ये धीरे-धीरे सरकती ज़िंदगी” ।
पैसे की तंगी के बावजूद,जैसे तैसे बच्चों को पढ़ाया ।
पूरा परिवार ,यहाँ तक कि गाँव भी उसकी बहुत इज़्ज़त करता था । “लेकिन अपने बच्चों को अपने अनुरूप नहीं बना पाई”
जब भी कोई बच्चों को लेकर उसको टोकता था, तो “ख़ुद में ही गलतियां निकालना शुरू कर देती थी” ।
फिर बहुत देर तक अशांत और परेशान रहती । कभी- कभी तो सारा-सारा दिन रोती रहती ।
एक बार टहलने का दिल किया तो, घर से बाहर सड़क पर ही निकल गईं । “वह कुछ ही देर का समय उसको बहुत कुछ सिखा कर चला गया” ।
मीना को जीवन-भर के लिए सीख मिल गई ।
सब्ज़ी बेचने वाले की रेहड़ी कीचड़ में फँस कर भी सरक रही थी । “सब्ज़ी वाला ऊपर तक कपड़े चढ़ाकर दोनों हाथों से धक्का लगाकर खींचे जा रहा था” ।
साथ-साथ सब्ज़ी ख़रीदने की आवाज़ें भी लगा रहा था ।
“बड़ी मशक़्क़त के बाद” रेहडी साफ सड़क पर पहुँच गई पर । वहाँ तक पहुँचते पहुँचते, उसके कपड़े और रेहड़ी “सब पूरी तरह कीचड़ में ख़राब हो चुके थे” ।
साफ़ -सुथरी जगह पर पहुँचते ही सब्ज़ी वाले ने राहत की साँस ली ।
ज्यों ही मीना रेहडी के पास पहुँची , “कुछ कीचड के छींटे मीना के कपड़ों पर भी जा गिरे” ।
एक बार तो ग़ुस्से में उसको सुनाने वाली थी तभी—-
उसने ध्यान से देखा, सब्जीवाला तो घुटने तक कीचड़ में लथपथ था । “फिर भी मुस्कुरा रहा था” ।
बार-बार अपनी सब्ज़ी के लिए लोगों को बुला रहा था । “फिर बोलता - बहन जी बचकर खड़े हो जाइए” । आप पर कीचड़ के छींटे ना गिर जाए ।
“ख़ुद के हालात की फ़िक्र नहीं थी” । उसका बस काम पर ध्यान था ।
उसको ऐसे खुश देखकर समझ आया “दुखी रहना तो समय की बर्बादी है” । ज़रूरी है ख़ुद को शांत रखकर मुसीबत से निपटना ।
“अशांत रहकर सिवाय अपने स्वास्थ्य के नुक़सान से ज़्यादा कुछ नहीं हो सकता” ।
उसी समय से मीना का सोचने का नज़रिया बदल गया ।
सब समय पर छोड़ दिया । दिन-रात इतनी चिंता कर के वह अपने ही शरीर का नुक़सान कर रही थी ।
सोच लिया बस , अब और नहीं ।।
Great 👍
ReplyDeleteWell written mam
ReplyDeleteNice creation
ReplyDeleteGreat 👌
ReplyDeleteWah bhut achi likhi
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