आप भी तो टिप दोगे ना
लंबा सफ़र हो तो कहीं न कहीं रुकना ही पड़ता है । “चाहे बैठ कर चाय ही क्यों ना पीनी पड़ें” ।
वैसे अबकी बार रुकने का मन तो नहीं था क्योंकि सड़क के दोनों ओर बहुत अच्छे दृश्य थे ।
“ सड़कें भी बहुत अच्छी बनी हुई थी” । बिना रुके भी जाया जा सकता था । “लेकिन दिल किया और कार की ब्रेक लगा भी दी” ।
सोचा, एक बार घूमकर देख लेते क्या है इस ढाबे पर ।
“ फिर बैठकर चाय का ऑर्डर भी दे दिया” । तभी साथ वाली टेबल से लोगों का ग्रुप खाना खाकर उठकर चला गया ।
“बहुत शोर मचाया हुआ था । हमारी तरह घुमने-फिरने वाले दिख रहे थे” ।
“ थोड़ी देर में वेटर आकर टेबल समेटने लगा” । झूठी प्लेटें ,ग्लास वग़ैरह । “मुस्कराकर साथ-साथ गाना भी गा रहा था “।
और सारा सामान उठाकर चला गया ।
थोड़ी देर में फिर आ गया । “बिल वाली प्लेट ली जिसमें सौंप भी थी” । बिल की पर्ची उठाने से पहले बचे हुए पैसे उठाकर जेब में डाले ।
“ लग रहा था जैसे काफ़ी पैसे देकर गये है ,टिप बोल कर” ।
“ख़ुशी में फिर से, लोकगीत गुनगुनाने लगा” ।
हम सोच ही रहे थे कि इतना ख़ुश किसलिए हुआ है , पैसे मिलने से ? या ऐसे ही ख़ुशमिज़ाज रहता होगा ।
तभी हमारी मेज़ पर चाय रखने आया । “हँसते हुए बोला—कुछ और भी लेना है क्या आपको” ?
हमारे मना करते ही ,जाकर सामने वाली दीवार पर बैठ गया ।
चाय ख़त्म होते ही उसको आवाज़ दी । “वहीं बैठे-बैठै ज़ोर से पूछा — बिल ले आऊँ क्या” ?
दोगुने जोश के साथ आया । ख़ाली चाय के गिलास उठाये और झूमते हुए चला गया ।
“थोड़ी देर में बिल लेकर आया और वहीं खड़ा होकर ध्यान से देखता रहा” ।
हमने उसमें पैसे रखे ही थे कि अभी बाक़ी लाता हूँ —बोलकर, कूदता हुआ चला गया । “पैसे तो साथ लेकर भी नहीं गया” ।
“बस रखते हुए ध्यान से देख लिया कि हम लोग कितने रख रहे है” ।
उतनी ही जल्दी वापस भी आ गया । खड़े-खड़े हिलता रहा ।
“ फिर बोला — इन लोगों की तरह “आप भी तो टिप दोगे ना” । यहीं प्लेट में ही रख देना सौंप के पास”।
और अब मुस्कराहट दोगुनी हो गई थी और “उसका हाथ कुर्ते की जेब में जा चुका था” ॥
Nice
ReplyDeleteThe saying- nephew is more be loved than brother, a piece of sugarcane is sweeter than entire sugarcane, loose jaggery is sweeter than jaggery proves that tips have more importance than salary
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